राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुवे केंद्र सरकार ने इस साल संसद के शीतकालीन सत्र का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया है। सरकार ने इस बाबत चिट्ठी लिखकर विपक्ष को जानकारी दी। संसदीय मामलों के मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को लिखे पत्र में ये जानकारी दी। साथ ही सरकार ने जनवरी में बजट सेशन के आयोजन की बात कही। सरकार की तरफ से कहा गया है कि कोविड महामारी के आशंकाओं के बीच तमाम राजनीतिक दल के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर कोरोना संक्रमण के खतरे कि आशंका जताई है। सरकार का ये कहना है कि इस समय जबकि ठंड का प्रकोप भी बढ़ रहा है, ऐसे में शीतकालीन सत्र बुलाना खतरे से खाली नहीं है।
हालांकि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी देखी जा रही है ,वहीं हाल के दिनों में राजधानी दिल्ली में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई थी।
इसी बीच कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास ने ट्वीट कर लिखा कि, अगर ऐसे माहौल में चुनावी रैलियां हो सकती हैं तो फिर संसद का शीतकालीन सत्र क्यों नहीं बुलाया जा सकता। दरअसल सरकार विपक्ष के सवालों से भागना चाहती है।गौरतलब हो कि संसद के मानसून सत्र को भी समय से पहले खत्म कर दिया गया था।

Report By – Kaushal Kumar

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