खरमास के महीने की समापन के साथ ही बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में इस बार बिहार चुनाव के दौरान खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान को उनके पार्टी के ही कुछ नेताओं ने ज़ोर का झतका दिया है। आपको बता दे आज करीब 4 बजपा दो दर्जन से अधिक नेताओं ने लोक जनशक्ति पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।इस बात की पुष्टि लोजपा नेता केसव सिंह ने कर दी है।

चिराग पासवान की कार्यशैली से चल रहे थे नाराज

लोजपा से इस्तीफा देने के बाद पूर्व लोजपा नेता केशव सिंह ने बताया कि नेता सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की कार्यशैली से नाराज चल रहे थे। केशव सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर के साथ मिलकर चुनाव में काम किया। नीतीश कुमार को हराने के लिए कांग्रेस और दूसरे दलों से पैसा लेकर खेल किया गया। उन्होंने कहा की जल्द पैसों के मामलों को लेकर और खुलासा करूंगा।

दरअसल कुछ दिनों पहले लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज ने पार्टी विरोधी कार्य में संलिप्त तथा अनुशासनहीनता के कारण पूर्व प्रदेश महासचिव केशव सिंह को पार्टी से छह साल से निष्कासित कर दिया था।

रामविलास के सपनों को चूर कर रहे चिराग

पार्टी से निकाले जाने के बाद केशव सिंह ने लोजपा प्रमुख को बधाई देते हुए कहा था कि चिराग ऐसे ही समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालकर रामविलास पासवान के सपनों को चकनाचूर करें और राजद को मजबूती दें। केशव सिंह ने दावा किया था कि खरमास बाद पार्टी के चार सांसद और बड़ी संख्या में अन्य नेता मिलकर लोजपा (रामविलास गुट) की स्थापना करेंगे।

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