Bharat7 News – तेजस्वी यादव ने कहा कि कृषि बिल के विरोध में 25 सितंबर को हमलोग सड़क पर उतरे थे. फिलहाल के दिनों में मौजूदा सरकार एयर इंडिया, रेलवे, भारत पेट्रोलियम, बीएसएलएल और एलआईसी को प्राइवेट हाथों में बेच रही है. कृषि बिल के नाम पर किसानों को केंद्र सरकार ठग रही है.

तेजस्वी ने कहा कि मैं बिहार के किसान और संगठनों से अपील करता हूं  कि इस काले कानून के खिलाफ आपलोग सड़कों पर आए और इस आंदोलन को मजबूत करें. पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसानों में आक्रोश हैं. यह वही सरकार हैं तो किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करनी की बात करती है, लेकिन एमएसपी को खत्म कर दिया है. कृषि को भी प्राइवेट हाथ को सौंप रही है. जिससे प्राइवेट कंपनियों से किसान खरीद बिक्री करेंगे. लेकिन सरकार के सारे फैसले को हमलोगों ने देखा चाहे नोटबंदी हो गया कुछ हो. वह काले कानून के खिलाफ आप सब लोग सड़कों पर आए और किसानों के हाथों को मजबूत करे. देश भर में मौजदा सरकार से किसान नाराज हैं. यह किसान विरोधी कानून है. किसानों को मिलना सही मूल्य मिलना चाहिए. कई जगहों पर कर्ज में डूबने से किसान आत्महत्या कर रहे है.

किसानों पर हो रहा लाठीचार्ज

तेजस्वी यादव ने कहा कि किसान शांतिपूर्व आंदोलन कर रहे हैं, इसके बाद भी उनके उपर लाठीचार्ज किया जा रहा है. वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जा रहा है. बिहार में जहां मंडियों का सवाल है वह 2006 में ही बंद कर दिया गया. स्थिति यह हो गई है कि बिहार के किसान किसानी छोड़ के मजदूरी करने लगे हैं. जब मंडी खत्म हो गया तो किसान कमजोर होते गए बिहार में बस 2 फसलों पर एसएसपी है. धान का एमएसपी मात्र 1800 है, कही भी धान की खरीद नहीं हो रही है. लेकिन सीएम झूठ बोलते हैं कि खरीद हो रही है. कितने मूल्य पर किसान से फसल खरीदी जा रही है उसे सार्वजानिक करें. अब तो बीजेपी के लंबे समय से सहयोगी रहे लोग भी साथ छोड़ दिये लोग अपना पुरस्कार लौटा रहे हैं.

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