बिहार की एक राज्यसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में मतदान होगा या नहीं इस पर से सस्पेंस खत्म नहीं हो रहा है। एनडीए की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी 2 दिसंबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। सुशील मोदी 2 दिसंबर को दोपहर 12:30 बजे नामांकन करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल समेत अन्य नेता मौजूद रहेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव हो रहा है और बीजेपी ने सुशील मोदी को उम्मीदवार बनाया है।

राज्यसभा उपचुनाव में सुशील मोदी के खिलाफ विपक्ष का कोई कैंडिडेट होगा या नहीं इसको लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। राष्ट्रीय जनता दल ने विपक्ष के उम्मीदवार को लेकर गेंद एलजेपी के पाले में डाल दी है। आरजेडी ने बड़ा ऑफर देते हुए एलजेपी को कहा है कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पत्नी रीना पासवान को उम्मीदवार बनाए तो आरजेडी का पूरा समर्थन होगा।

क्या बोला राजद
राजद के प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि राज्यसभा की जिस सीट पर उप चुनाव हो रहा है वह रामविलास पासवान के निधन के कारण खाली  हुआ है. रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन बिहार की सेवा में लगा दिया था. अगर इस सीट से उनकी पत्नी रीना पासवान को उम्मीदवार बनाया जाता तो ये रामविलास पासवान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होती. लेकिन बीजेपी ने पासवान जी को भुला कर अपने नेता सुशील मोदी को उम्मीदवार बना दिया है. ऐसे में अगर लोक जनशक्ति पार्टी रीना पासवान को उम्मीदवार बनाती है तो राजद बिना शर्त समर्थन करने को तैयार है. 

चिराग नहीं है तैयार
हालांकि चिराग पासवान अपनी मां को उम्मीदवार बनाने पर तैयार नहीं हैं. उन्होंने पहले ही बयान दे दिया है कि ये बीजेपी की सीट थी, बीजेपी जिसे चाहे अपना उम्मीदवार बनाये लोजपा को उससे वास्ता नहीं है. इससे पहले भी चुनाव अभियान के दौरान चिराग पासवान कह चुके थे कि रामविलास पासवान के निधन के कारण खाली हुई सीट को बीजेपी-जेडीयू वापस ले ले. दरअसल नीतीश कुमार ने कहा था कि उनकी मदद से ही रामविलास पासवान राज्यसभा गये थे. इसके बाद ही चिराग पासवान ने सीट वापस ले लेने को कहा था.

चिराग नहीं मानें तो भी उम्मीदवार उतार सकता है राजद
उधर आरजेडी के अंदर इस बात पर भी मंथन हो रहा है कि राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारा जाये. अगर चिराग पासवान अपनी मां को चुनाव मैदान में उतारने के लिए नहीं तैयार हुए तो भी अपना उम्मीदवार उतार कर एऩडीए को चुनौती दी जाये. आरजेडी किसी दलित उम्मीदवार को मैदान में उतारने पर विचार कर रहा है. पार्टी की रणनीति ये है कि जनता के बीच ये मैसेज दिया जाये कि बीजेपी-जेडीयू दलित का सीट छीन कर वैश्य को सांसद बना रही है. हालांकि राजद उम्मीदवार के संबंध में आखिरी फैसला लालू प्रसाद यादव को लेना है. उनकी सहमति मिलने के बाद ही उम्मीदवार को मैदान में उतारा जायेगा.

Source – First Bihar

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