दवा कंपनी ‘फ़ाइज़र इंडिया’ ने भारत में अपनी कोविड वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए भारतीय दवा नियामक (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया) से अनुमति माँगी है.

Bharat7 News – ब्रिटेन और बहरीन में मंज़ूरी मिलने के बाद, कंपनी चाहती है कि उसे भारत में भी अपनी कोविड वैक्सीन की बिक्री और वितरण का अधिकार मिले.

कंपनी ने अपने आवेदन में डीसीजीआई को लिखा है कि “वो बिक्री के लिए अपनी कोविड वैक्सीन के आयात की अनुमति चाहते हैं.”

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि “फ़ाइज़र इंडिया ने 4 दिसंबर को डीसीजीआई को एक आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें कंपनी ने अपनी कोविड वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी माँगी है. कंपनी ने यह ‘इमरजेंसी यूज़ ऑथराइज़ेशन’ यानी ईयूए फ़ॉर्म सीटी-18 के ज़रिये माँगा है ताकि कंपनी भारत में अपनी कोविड वैक्सीन का आयात कर सके.”

बुधवार को ब्रिटेन फ़ाइज़र/बायो-एन-टेक की कोविड वैक्सीन को मंज़ूरी देने वाला पहला देश बन गया था.

ब्रिटेन के दवा नियामक ने फ़ाइज़र को फ़िलहाल इस वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए एक अस्थायी मंज़ूरी दी है. साथ ही कहा है कि यह टीका जो कोविड-19 से 95 प्रतिशत तक बचाव का दावा करता है, वह इस्तेमाल में लाये जाने के लिए सुरक्षित है.

कंपनी के अनुसार, यह टीका दो बार यानी दो डोज़ में दिया जाता है. फ़ाइज़र के इस टीके को बहरीन ने भी मंज़ूरी दे दी है. शुक्रवार को बहरीन प्रशासन ने इसकी घोषणा की थी.

बताया गया है कि फ़ाइज़र ग्लोबल ने अमेरिकी प्रशासन से भी इस वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी माँगी है.

कोरोना की वैक्सीन

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस वैक्सीन के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं. जैसे, माइनस 70 डिग्री पर इस टीके को स्टोर करने की आवश्यकता, भारत जैसे देशों में इस वैक्सीन की डिलीवरी के लिए एक बड़ी चुनौती है. ख़ासकर, छोटे कस्बों या शहर से दूर के इलाक़ों में इस टीके को माइनस 70 डिग्री पर रख पाना, भारतीय प्रशासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी. 

भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बारे में चिंता ज़ाहिर कर चुके हैं.

हालांकि, फ़ाइज़र कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना था कि “वो इस चुनौती के बारे में जानते हुए भी भारत सरकार के इस वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी लेने का प्रयास करेंगे.” 

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कंपनी के हवाले से लिखा है कि “महामारी के दौरान, फ़ाइज़र केवल सरकारी अनुबंधों के माध्यम से इस टीके की आपूर्ति करेगा.”

भारत में अब तक पाँच टीके क्लीनिकल ट्रायल के एडवांस्ड चरणों तक पहुँच चुके हैं. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ऑक्सफ़र्ड-एस्ट्राज़ेनेका द्वारा तैयार की गई कोविड वैक्सीन का तीसरे चरण का परीक्षण कर रहा है, जबकि आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई स्वेदशी वैक्सीन का भी तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हो चुका है. Source – BBC

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