किसानों की गंभीर समस्या को देखते हुए राजद के साथ साथ सभी विपक्षी दलों ने कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया गया था. राज्यपाल के अभिभाषण पर होने वाली चर्चा का हवाला देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्य स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। हालाकि इसके बाद जब सदन में धान खरीदी का मामला सदन में उठा तो सरकार ने सीधे तौर पर कह दिया कि अब सरकार धान खरीदी  लिए समय सीमा में कोई बदलाव नहीं करेंगी ।

अंतरात्मा की आवाज सुने नीतीश कुमार

विधान सभा से वॉकआउट करने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में किसानों को ठगने का काम किया जा रहा है. बिहार में किसानों से एमएसपी पर धान नहीं खरीदा जा रहा है.  किसान भुखमरी और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. एपीएमसी एक्ट खत्म कर बिहार के किसानों को बंधक बनाने वाली सरकार को जवाब देना चाहिए और बिहार में धान खरीद की तारीख बढ़ाई जानी चाहिए थी ,लेकिन अब सरकार इस से भाग रही है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए यह कुर्सी छोड़ देनी चाहिए. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार राज्यपाल से अभिभाषण के दौरान झूठ बोलने का काम करा रही है.  बिहार में क्षमता के मुताबिक ही धान की खरीद नहीं हो पाई है.

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