पटना – आज की सुनहरी शाम में महिला काव्य मंच,पटना इकाई की काव्य गोष्ठी शुरु हुई। मां शारदे को माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना की औपचारिकतायें पूरी करने के बाद डॉ मीना कुमारी परिहार ने बागडोर संभाली। आदरणीय उषा जी का उद्बोधन हुआ। वातावरण गुलजार हो गया।ठंडी शाम गुलाबी हो गई। शमा बन्धने लगी।एक से बढ़कर एक सभी की प्रस्तुति रही। आदरणीय अन्नपूर्णा जी ने मन को छू लिया-इक सुनहरी धूप ने बन्दमुटठी से कहा।
डॉ मीना कुमारी परिहार का बंजारा गीत -एक बंजारा गाए…।दिल झूम ने लगा। डॉ प्रतिभा पराशर ने तो सोनपुर मेला में ही कोरोना को ले आई। नीशु चौरसिया ने साथ-साथ रहने की गुहार लगाई। तो राजपुरिया जी ने हाथों में मेंहदी लगाकर चूड़ियां खनकायी। डॉ पुनम देवा ने नज़रों के प्रभाव की जिक्र कहीं। डॉ अलका वर्मा ने गांधी की महिमा का बखान किया। डॉ यमुना कृष्ण राज ने तो सुहानी शाम में फ़ुर्सत की घड़ी ढूंढने लगी। डॉ सुधा सिन्हा जी ने तराना छेड़ा-दूसरों को सतानेवाले बड़े बदनसीब होते हैं। वहीं उषा किरण जी ने अपने सुन्दर प्रस्तुति से समा बांधे रखा।
डॉ मीना कुमारी परिहार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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