Bharat7 News – रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक समीकरण में बदलाव के संकेत नजर आने लगे हैं। सदन में तेजस्वी और नीतीश के विवाद में खुल कर नीतीश के साथ खड़े दिखने वाले कुशवाहा आने वाले दिनों में पाला बदलेंगे या फिर कुछ ये तो समय बताएगा।

हालाकि मुलाकात से यह स्पष्ट होता दिखाई दे रहा है कि वो आने वो दिनों में जदयू का दामन थाम सकते हैं। हालाकि इस समय लोकसभा और राज्यसभा की सभी सीटें तो फुल हैं, लेकिन बिहार विधानपरिषद् की 18 सीटें तो विधानसभा की 2 सीटें खाली हैं, अब देखना ये है कि नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद क्या कुशवाहा की अगली नीति जदयू के साथ राज्य में होगा या नहीं।

विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर प्रदेश में राजनीतिक हलचल जैसा दिख रहा है। एक ओर विधान परिषद की मनोनयन कोटे की दर्जन भर सीटों को भरे जाने को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, तो दूसरी ओर हार की समीक्षा कर रहा जदयू कुछ दिग्गज नेताओं को पार्टी में लाकर पिछड़े और मुस्लिम वोटरों के बीच पैठ जमाने की कोशिश में है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री से उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात को जोड़ कर देखा जा रहा है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल किसी नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से इन्कार कर रहे हैं।

इसके बावजूद चुनाव के दौरान बसपा और एआइएमआइएम के साथ गठबंधन कर सुर्खियों में आए रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र अपने गठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरा बनाए गए थे। विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या में पीेछे रह गए जदयू पिछड़ी जमात में अपनी राजनीतिक ताकत में इजाफा चाहता है। इधर, लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा नई रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।

Source- Daily Bihar

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