केंद्रीय  वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सांसद में आम बजट को पेश किया। इस बजट को भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पटल पर रखा गया । ख़ास बात ये है कि जिस नोट पैड के जरिए वित मंत्री निर्मला सीतारमण बजट को पढ़ रही थी , वो पैड मेड इन इंडिया है।  इसी कड़ी में बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष सह बिहार सरकार में मंंत्री रह चुुके नीतीश ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

बजट लोककल्याण कारी है: नीतीश मिश्रा 

केंद्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किए गए बजट पर बात करते हुए  पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस बजट को लोक कल्याणकारी, सर्वसमावेशी तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के अनुरूप बताया है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह बजट प्रस्तुत किया गया है।

बजट को बताया ऐतिहासिक

पूर्व मंत्री सह भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा ने आज पेश किए गए बजट पर बात करते हुए कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारत मे पहली पेपर लेस (डिजिटल) बजट पेश किया गया है। कोरोना काल के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों एवं नेतृत्व के कारण देश की अर्थव्यवस्था में तीव्र गति से वृद्धि हुई है जिसकी झलक इस बजट में स्पष्ट परिलक्षित हो रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरोना काल के बाद देश के प्रत्येक जनमानस को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं जिसे आज पूरा किया गया है। उन्होंने इस बजट को आमजन का बजट बताते हुए इसे न्यू इंडिया के विजन पर आधारित बताते हुए कहा कि इस बजट में जनआकांक्षाओं का विशेष ध्यान रखते हुए उज्ज्वला जैसी कई कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के साथ बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन आदि के क्षेत्र की कई नई योजनाओं को समाहित किया गया है। साथ ही कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हज़ार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

6 स्तम्भों को ध्यान में रखकर बनाया गया है बजट

पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बजट को बनाने समय देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 6 स्तम्भों को ध्यान में रखा गया है।

पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने 6 स्तम्भों का जिक्र करते है कहा कि  – स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास तथा न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का प्रस्ताव प्रमुख रूप से निहित है।

कुल मिलाकर नीतीश मिश्रा ने बजट को दूरगामी बताया है । ऐसा हो भी क्यूं ना कोरोना जैसे महा मारी से लडने के बावजूद भी केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में हर वर्ग और हर तबके को ध्यान में रखा गया । खास कर कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बजट के बाद काफी सहूलियत मिली है और केंद्र सरकार ने इस बजट के बाद फिर बता दिया कि  ये सरकार किसानों का जितना फ़िक्र करती है शायद ही इससे पहले कोई सरकार इतना फ़िक्र कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का करती होगी।

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