बिहार के नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही विरोध के स्वर फूटने शुरू हो गए हैं। भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के बाद एनडीए की प्रमुख घटक विकासशील इंसान पार्टी  ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। वीआइपी की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी सुप्रीमो और पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के मंत्री मुकेश सहनी सहनी अमित शाह से मिलने दिल्ली तक पहुंच गए हैं। मुकेश सहनी को उम्मीद थी कि नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में वीआइपी के एक और विधायक को मंत्री बनाया जाएगा। लेकिन भाजपा और जदयू से इतर मंत्रिमंडल विस्तार में ना तो वीआइपी को मौका दिया गया ना ही हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा  को। हालांकि पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी फिलहाल इस मसले पर मौन है, लेकिन वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।

मंत्रिमंडल गठन के समय दिया गया था आश्‍वासन: मुकेश साहनी
मुकेश सहनी ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए  कहा कि मंत्रिमंडल गठन के वक्त ही उन्हें आश्‍वस्त किया गया था कि कैबिनेट विस्तार के मौके पर उनकी पार्टी के एक और विधायक को मंत्री बनने का मौका दिया जाएगा। लेकिन जब विस्तार हुआ तो उनकी अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस पर अपना विरोध दर्ज कराती है। हालांकि उन्होंने किसी प्रकार की वाद-विवाद की स्थिति से इंकार किया। सहनी ने कहा वे इस मामले को भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के गृह मंत्री अमित शाह के सामने उठाएंगे। उन्होंने कहा वे दिल्ली आए हुए हैं। पहले से उनका आरक्षण के मसले पर शाह से मिलने का कार्यक्रम है।

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