बिहार में एनडीए खासकर बीजेपी के सामने एक बड़ी मुश्किल खड़ा हो गई है। बिहार विधान परिषद के 2  सीटों पर उपचुनाव के लिए बीजेपी के फैसलों पर वीआईपी पार्टी ने अपनी असहमति जता  दी हैं।भाजपा ने इन दो सीटों में से एक पर अपने वरिष्‍ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन और दूसरी सीट पर वीआइपी के नेता मुकेश सहनी  को उम्‍मीदवार बनाने का फैसला लिया था। लेकिन मुकेश सहनी ने इस सीट से उम्‍मीदवार बनने से मना कर दिया है।

कम कार्यकाल वाले सीट से बचना चाहते हैं दिग्गज़

वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सरकार में मंत्री मुकेश साहनी कम कार्यकाल वाले सीट से बचना चाहते है । वे चाहते हैं कि उन्‍हें पूरे छह साल कार्यकाल वाली सीट से चुनकर बिहार विधान परिषद में भेजा जाए। फिलहाल विधान परिषद की जिन दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उनका कार्यकाल क्रमश: करीब चार साल और डेढ़ साल ही बचा है। और सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार मुकेश साहनी को बीजेपी जिस सीट पर अपना उमीदवार बनना चाहती है उसका कार्यकाल बस 18 महीने का ही है।

दूसरी सीट पर प्रत्‍याशी बनाए गए हैं शाहनवाज हुसैन

विधान परिषद में रिक्‍त हुई दूसरी सीट पर शाहनवाज हुसैन को उम्‍मीदवार बनाया गया है। यह सीट सुशील कुमार मोदी के राज्‍यसभा में चुने जाने के बाद रिक्‍त हुई है। इस सीट का कार्यकाल करीब चार साल बचा है। मुकेश सहनी की टीस भी इसी बात को लेकर अधिक है। इसके बावजूद उन्‍होंने खुद इस मुद्दे पर अब तक मुंह नहीं खोला है। उनकी पार्टी के प्रवक्‍ता राजीव मिश्रा ने दावा किया है कि मुकेश नामांकन दाखिल नहीं करेंगे। बिहार विधानसभा में पहली बार वीआइपी से चार विधायक जीतकर आए हैं। ये सीटें वीआइपी को भाजपा के साथ समझौत के बाद मिली थीं। मुकेश सहनी खुद भी चुनाव लड़े, लेकिन उन्‍हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here