भारत ने चीन से आने वाले सामान पर इन दिनों काफी सख्ती कर रखी है. वहां से इंपोर्ट होने वाले सामान की कड़ी क्वालिटी टेस्टिंग की जा रही है. उसी के बाद प्रॉडक्ट्स इंडिया में आ रहे हैं. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसी टाइट क्वालिटी कंट्रोल के चलते पिछले महीने देश में आईफोन-12 का इम्पोर्ट लेट हो गया था. इसके अलावा, शाओमी जैसी चाइनीज कंपनियों के कई प्रोडक्ट्स भी रोक लिए गए थे.

चीन ने जब से लद्दाख बॉर्डर पर सीनाजोरी की है, भारत कई कदम उठा चुका है. भारत में चाइनीज प्रोडक्ट्स के बायकॉट की मांग के बीच सरकार अब तक सैकड़ों चाइनीज ऐप्स को देश में ब्लॉक कर चुकी है. इनमें टिकटॉक और पबजी जैसे पॉपुलर ऐप्स भी शामिल थे. इसके अलावा, भारत ने अब चीनी उत्पादों की गुणवत्ता पर काफी ध्यान देना शुरू कर दिया है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है.

Lt Mi Smart Speakerशाओमी स्मार्टफ़ोन और स्मार्ट स्पीकर.किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक आइटम जैसे कि स्मार्टफ़ोन, स्मार्टवॉच और लैपटॉप आदि इम्पोर्ट होने से पहले क्वालिटी टेस्ट से गुजरते हैं. इंडिया में ये काम ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स या BIS करता है. इम्पोर्टेड सामान के अलावा देश में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के लिए भी एक फ़िक्स्ड स्टैन्डर्ड तय है, इसे पास करना जरूरी होता है. कंपनियां पहले सर्टिफ़ाइड लैब में अपने प्रोडक्ट की जांच कराती हैं, उसके बाद BIS अप्रूवल देता है.रॉयटर्स की खबर में दावा किया गया है कि क्वालिटी कंट्रोल की ऐप्लीकेशन वैसे तो 15 दिन में प्रोसेस हो जाती थी, मगर अगस्त से चाइना में बनी हुई चीजों का अप्रूवल दो महीने से भी ज़्यादा टाइम ले रहा है. BIS की वेबसाइट की मानें तो इस वक़्त 1000 से ज़्यादा लैपटॉप और टैबलेट वग़ैरह की ऐप्लीकेशन पेंडिंग हैं. इनमें से 500 से ज़्यादा आइटम्स को 20 दिन से ऊपर हो गए हैं. कुछ तो सितंबर से अटके हुए हैं.नया आईफोन क्यों फंस गया?ऐपल वैसे तो अपने कई फ़ोन अब इंडिया में ही असेम्बल करता है. मगर नया वाला आईफोन 12 अभी चाइना में ही बल्क में तैयार हो रहा है. ऐपल के सबसे बड़े असेंबली कान्ट्रैक्टर चाइना में ही हैं.Lt Iphone 12 Proऐपल आईफोन 12 लाइनअप में कुल चार मॉडल हैं.रॉयटर्स ने सोर्स के हवाले से खबर में दावा किया है कि BIS से इम्पोर्टेड आइटम्स के अप्रूवल में टाइम लग रहा है. मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी इन कंपनियों को पुश कर रही है कि वे इन डिवाइसेज़ को इंडिया में ही बनाएं. खबर में कहा गया है कि जब आईफोन 12 का इंडिया में इम्पोर्ट लेट हो गया, तो ऐपल इंडिया ने BIS से अप्रूवल थोड़ी जल्दी देने के लिए अनुरोध किया. कंपनी ने इंडिया में असेंबली के काम को बढ़ाने का भी आश्वासन भी दिया है.

Source – The Lallantop

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