शिवपाल यादव..(Shivpal Yadav) आज कहानी शिवपाल यादव की..दोस्तों मुलायम सिंह यादव अगर बाहुबली थे..तो शिवपाल यादव उनके कटप्पा..अगर मुलायम सिंह यादव पृथ्वीराज चौहान थे तो शिवपाल यादव उनके सेनापति चौड़ा..अगर मुलायम सिंह यादव परमालिक थे तो..शिवपाल यादव उनके आल्हा और ऊदल दोनों थे..मुलायम सिंह यादव अगर शरीर थे तो शिवपाल यादव उनकी बाजुएं थे..मुलायम सिंह यादव स्विट एंड स्वामी टाइप के थे..और शिवपाल यादव…सूनामी टाइप के थे..ये थी शिवपाल और मुलायम सिंह यादव की जोड़ी और इस जोड़ी ने एक एक ईंट जोड़कर खड़ी कर दी उत्तर प्रदेश की सबसे शक्तिशाली पार्टी समाजवादी पार्टी..और मुलायम सिंह यादव का परिवार बन गया उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सबसे शक्तिशाली सियासी परिवार..नमस्कार दोस्तों आज फिर से मैं आपके सामने हाजिर हूं एक नई कहानी के साथ..आज शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बारे में बात होगी.. बचपन से ही समाजसेवी रहे, अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के शुरुआती राजनीतिक सफर में वो गाँव-गाँव जाकर उनके समर्थन की अपील करते और मुलायम सिंह यादव की गाँव में बैठक कराया करते थे..

शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) की एक ही खासियत है..सीधा सपाट..हां या ना में बात करने वाला नेता..बहुत झिक झिक करने की आदत नहीं है..और बहुत झिकझिक करना सीखा नहीं..शिवपाल यादव का एक ही मंत्र है आर या पार..बीच में चिल्लरबाजी वाला नहीं कोई व्यापार..जिसको समय दिया उसी समय पर मिले..जिससे जो कह दिया वो कर दिया..राजनीति में शिवपाल यादव को समझाने के लिए सलाहकारों की जरूरत कभी नहीं पड़ी..शिवपाल यादव के लिए उनका वचन की शासन होता था.. बड़े भाई का आदेश ईश्वर का आदेश होता था..आज उनकी पार्टी के लोग उनको कलयुग का लक्ष्मण भी कहते हैं..

शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) का जन्म उत्तरप्रदेश के इटावा जिले के सैफई गाँव में 6 अप्रैल 1955 को हुआ..उनके पिता का नाम सुघर सिंह और माता का नाम मूर्ति देवी था..शिवपाल यादव ने जब अपना होश संभाला उस समय उनके बड़े भाई मुलायम सिंह यादव प्रदेश की राजनीति में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.. शिवपाल यादव की शुरुआती पढ़ाई गांव से ही की..उसके बाद हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट जैन इण्टर कॉलेज से किया जो करहल में पड़ता है..शिवपाल यादव ने 1972 में हाईस्कूल और 1974 में इण्टरमीडिएट किया स्नातक की पढ़ाई 1976 में कानपुर विश्वविद्यालय से की 1977 में लखनऊ विश्वविद्यालय से बीपीएड किया..शिवपाल यादव बेहद पढ़े लिखे सीधी बात करने वाले नेता हैं..
शिवपाल यादव का शादी 23-मई-1981 को हुई..इनकी पत्नी का नाम सरला यादव है..शिवपाल सिंह यादव की बेटी डॉक्टर हैं..इकाना इटेडियम लखनऊ के पास उनका अपना हॉस्पिटल है..बेटी का नाम डॉ अनुभा यादव है..बेटे का नाम आदित्य यादव है..जो राजनीति में हैं…

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शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने राजनीति अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव से ही सीखी है…मुलायम सिंह यादव को कभी लखनऊ जाना पड़ता कभी दिल्ली जाना पड़ता..और शिवपाल क्षेत्र के लोगों के बीच क्षेत्र में घूमकर सोशलिस्ट पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेते और मुलायम सिंह यादव का प्रचार करते थे..

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शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) चुनाव के पर्चे बांटने से लेकर बूथ तक की जिम्मेदारी उन्होने निभाई है..बड़ी-बड़ी सभाएं जैसे चौधरी चरण सिंह जनेश्वर मिश्रा जैसे बड़े नेताओं की सभांए करवाने की जिम्मेदारी भी अक्सर मुलायम सिंह अपने छोटे भाई शिवपाल यादव को ही सौंपते थे..यहां तक पहले समाजवादी पार्टी में शिवपाल पार्टी संगठन ही नहीं टिकट बंटवारे का काम भी देखते थे..नेता जी के रुप में जाने जाने वाले मुलायम सिंह यादव की उंगली पकड़कर राजनीति सीखने वाले शिवपाल यादव पिछले दो दशकों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम जगह रखते हैं..भले ही शुरुआत में उनकी पहचान मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई के रुप में रही हो..लेकिन बहुत जल्दी ही वो इससे आगे निकलते हुए वो एक मजबूत नेता बन गए..

1994 से 1998 के बीच शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के भी अध्यक्ष रहे..और 1996 में मुलायम सिंह ने जसवंतनगर विधानसभा से उन्हें से विधानसभा का चुनाव लड़ाया..शिवपाल समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत करने वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं..पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच अपने अच्छे नेचर के लिए भी मशहूर हैं..मुलायम सिंह और अखिलेश यादव की सरकार में शिवपाल कई अहम मंत्रालयों के मंत्री भी रहें हैं..शिवपाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे..और लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष भी रहे..लेकिन समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव की पकड़ मजबूत होने के बाद शिवपाल यादव ने अपनी नई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली..जिस पार्टी को शिवपाल और मुलायम सिंह यादव ने मिलकर खड़ी की थी..अखिलेश यादव उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने..

शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं..जसवंतनगर से विधायक भी हैं..शिवपाल यादव बसपा सरकार में 5 मार्च 2012 तक नेता प्रतिपक्ष भी रहे..शिवपाल यादव जिन्होंने अपने बडे़ भाई मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाई..उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले..बड़े भाई पर सुरक्षाकवच बनकर रहे..ऐसे भाईयों की जोड़ी बहुत कम देखने को मिलती हैं..शिवपाल यादव ने गरीबी देखी है..

अपने घर की उस जमाने की हालत देखी है..भाई को संघर्ष करते देखा है..पिता को खेती करते देखा है..खुद भी खेती की है..बीहड़ों में तमाम दुश्मनियों को बाद भी खुद भी सुरक्षित रहे..मुलायम सिंह यादव को भी सुरक्षित रखा और अपने परिवार को उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी परिवार बनाया..शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) कहते हैं कि वो मरते दम तक नेता जी के साथ ही रहेगें..शिवपाल अपने भाईयों में सबसे छोटे हैं…शिवपाल यादव कहते हैं कि 70 के दशक में चंबल के बीहड़ जिले इटावा में राजनीति की राह बिल्कुल आसान नहीं थी..शिवपाल कहते हैं कि मुलायम सिंह के जीवन पर लिखी अपनी किताब लोहिया के लेनिन में उन्होंने इस बात का ज़िक्र भी किया है, नेता जी जब भी इटावा आते हैं, वो अपने साथियों के साथ खड़ा रहता हम लोगों को काफी सतर्क रहना पड़ता, कई रातें जागना पड़ता था…दोस्तों इस कहानी में इतना ही..ये सच्ची कहानी आपको कैसी लगी..कमेंट करके जरूर बताईये..

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