हाल के कुछ सालों में बिहार सरकार की जितनी फजीहत नल-जल योजना को लेकर हुई है उतनी शायद ही किसी और योजना को लेकर हुई होगी। अब पिछले कुछ समय से सरकार नल-जल योजना को लेकर कुछ सक्रियता दिखा रही है और लगातार अलग-अलग जगह से करवाई की खबर भी आ रही है जहां नल-जल योजना में भ्रष्टाचार हुई है। अब पटना से खबर आई है कि नल-जल योजना में भ्रष्टाचार को लेकर सैकड़ों मुखिया जी लोगों पर कार्यवाई होगी और उनसे कई सौ लाख रुपयों की वसूली भी की जाएगी।

एक तरफ योजना में लगातार भ्रष्टाचार की खबर आ रही है तो दूसरी तरफ सरकार नल-जल योजना के मेंटेनेंस के लिए हर महीने 2 हजार रुपया जारी करेगी। यह रूपया वार्ड सदस्यों के पास जाएगा। इसके अलावा अन्य कई जिलों में पंचायत स्तर पर जांच चल रही है और सभी पंचायतों से इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है। राज्य स्तरीय टीम भी लगातार अलग-अलग पंचायतों में नल-जल योजना की जांच में जुटी है।

सबसे पहले बात करेंगे पंचायत प्रतिनिधियों पर जो करवाई की खबर आ रही है उसके बारे में।

नल जल योजना में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। अब गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार उन सारे पंचायत प्रतिनिधियों पर करवाई करने के लिए तैयार है। जो खबर है उसके मुताबिक पटना प्रमंडल के 158 मुखिया जी लोगों पर सरकार कार्रवाई करेगी क्योंकि उन लोगों ने सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की है। यह गड़बड़ी तब सामने आयी जब नल जल योजना को लेकर जांच कराई गयी। बताया गया है कि सबसे ज्यादा मुखिया रोहतास जिले से है। रोहतास के कुल 97 मुखिया सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने के दोषी पाए गए है।

अगर आपको याद हो तो पिछले दिनों राज्य भर के अलग-अलग जिलों में नल जल योजना को लेकर जांच शुरू की गई थी। अब अलग-अलग जिलों से इस योजना में गड़बड़ी की खबरें निकल कर सामने आ रही है। इस मामले में अभी तक 78 पंचायत प्रतिनिधियों पर मुकदमा दर्ज भी कराया जा चुका है। इसके अलावा जिस चीज की चर्चा काफी पहले से हो रही थी की नल जल योजना में फैली भ्रष्टाचार में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों की भी उतनी ही भागीदारी है उसकी झलक भी साफ देखने को मिल रही है। पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ 35 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गड़बड़ी का आरोप लगा है।

अब इन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जो जानकारी सामने आयी है उसके मुताबिक पटना जिले के 25, भोजपुर जिले के 4, बक्सर जिले के 17, नालंदा जिले के 19, तथा रोहतास जिले के 19 पंचायत प्रतिनिधियों पर मामला दर्ज कराया गया है।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन सख्ती दिखाते हुए वसूली की तैयारी में लग गया है। जिन जनप्रतिनिधियों ने गड़बड़ी फैलाई है उनसे सरकार पैसे की वसूली करेगी। जो राशि सरकार के द्वारा नल जल योजना के लिए जारी की गई थी और उसमें पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों ने जमकर भ्रष्टाचार की है अब सरकार उसे वापस लेगी। प्रशासन लगभग 337 लाख रुपये की वसूली अलग-अलग जनप्रतिनिधियों से करेगा। इसमें भी सबसे अधिक वसूली नालंदा में होनी है। नालंदा से कुल 199 लाख रुपयों की वसूली होनी है। पटना में 64 लाख तो वहीं बक्सर में 27 लाख रुपयों की वसूली होनी है। सबसे कम भोजपुर में 9 लाख तो वहीं रोहतास से 37 लाख रुपयों की वसूली की जानी है।

कुछ दिन पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पटना के साथ-साथ इन जिलों में औचक निरीक्षण किया गया था जिसमें पाया गया था की पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा पैसे की निकासी कर ली गई है और आम जनता को इसका लाभ भी नहीं मिल रहा है। कुछ जगहों पर केवल बोरिंग कर के छोड़ दिया है तो कुछ जगहों पर टंकी ही नहीं लगा है। वहीं अभी पिछले दिन ही सरकार ने ऐलान किया है कि अब पंचायतों में नल-जल योजना के रख-रखाव और मेंटेनेंस के लिए 2000 रुपया दिया जाएगा। बिहार सरकार की तरफ से इस काम को एक्जक्यूशन और मैनेजमेंट कमेटी को सौंपने की तैयारी चल रही है। अगर सरकार इस योजना के तहत 2000 रूपया पीने के पानी की आपूर्ति और रख-रखाव के लिए देती है तो राज्य भर के 58 हजार से ज्यादा वार्ड सदस्यों के पास महीने के 2000 रुपये पहुँचने शुरू हो जाएंगे।

बिहार सरकार के मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में भी कहा कि जिनके कारण नल-जल योजना का काम अटका हुआ है उनपर कार्रवाई ज़रूर की जाएगी। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि जल्द ही पंचायतों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इन सबके अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों में पंचायतों से पंचायतवार रिपोर्ट मांगी जा रही है। रिपोर्ट में अगर कोई गड़बड़ी का अंदेशा होता है तो तुरंत उसकी जांच कराई जाएगी। जांच किया जा रहा है कि जिन योजनाओं को कागज पर पूर्ण दिखाया गया है उनमें से कितनी जमीन पर मौजूदा समय में कार्य कर रही है। इसके अलावा मधुबनी में राज्य स्तर की टीम लगातार अलग-अलग पंचायतों में जाकर नल जल योजना की जांच कर रही है। जांच टीम गांव के लोगों से इन योजनाओं के बारे में जानकारी भी ले रही है। लगातार जांच की जा रही है और अगर कोई गड़बड़ी सामने आ रही है उसे दर्ज भी किया जा रहा है।

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