बिहार में कोरोना टेस्टिंग में किस बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, इसका लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है।बिहार में कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी मोबाइल नंबर से लेकर फर्जी लोगों के नाम का इस्तेमाल किया गया है। यही नहीं रजिस्टर में भी हेर फेर करके अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा टेस्टिंग किट पर भारी संख्या में मुनाफा कमाया गया है।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामला जमुई जिले के बारहट स्वास्थ केंद्र का है , जहां पर कई लोगों के मोबाइल नंबर एक ही लिखा हुआ पाया गया है वहीं इनमे से कई लोगों ने तो फिलहाल अपना जांच भी नहीं करवाया है। मामले की जानकारी मिलते ही हरक़त में अाई जमुई प्रशासन ने एक टीम का गठन किया है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया हैं।

विपक्ष हुई हमलवार

मामले के प्रकाश में आने के तुरंत बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मैंने पहले ही बिहार में कोरोना घोटाले की भविष्यवाणी की थी. जब हमने घोटाले का डेटा सार्वजनिक किया था तो CM ने हमेशा की तरह नकार दिया था। इन्होंने अधिकारी बदल Anti-gen का वो “अमृत” मंथन किया कि 7 दिनों में प्रतिदिन टेस्ट का आंकड़ा 10 हज़ार से 1 लाख और 25 दिनों में 2 लाख पार करा दिया।

आपको बता दें कि बिहार में 9 फरबरी तक कुल 2 करोड़ 16 लाख 64 हजार 852 लोगों की कोरोना जांच हुई है. बिहार में 9 फरवरी तक कुल 2,61,447 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं. बिहार में कोरोना से 1518 लोगों की मौत  हुई हैं।

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