• पहले शहरी व ग्रामीण इलाकों में कार्यरत निजी व सरकारी व निजी अस्पतालों के कर्मियों को लगाई जाएगी वैक्सीन
  • सभी विभागों से फ्रंटलाइन वर्कर्स की मांगी गई है सूची, जल्द होगा रजिस्ट्रेशन

भोजपुर – कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिले में जल्द ही कोरोना वैक्सीन आने वाली है। इसे लेकर जहां जिला प्रशासन की पहल पर रजिस्ट्रेशन करने के साथ पहले चरण में वैक्सीन लगाने के लिए सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए सभी विभागों को निर्देशित किया जा चुका है। जिसके तहत सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग अंतर्गत फ्रंटलाइन वर्कर्स व अधिकारियों की सूची मांगी गई है। जिसमें उनके नाम, मोबाइल नंबर और आधार पंजीयन संख्या भी लिस्टिंग की जा रही है। ताकि, प्रथम चरण का टीका आने पर पहले उन लोगों को लगाया जा सके, जो कोरोनाकाल से अब तक फील्ड में दिन रात अपनी जिम्मेदारियों का वहन कर रहे हैं। वहीं, भोजपुर के अपर मुख्य चिकित्सा पदधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि वैक्सीन आने पर सबसे पहले शहरी व ग्रामीण इलाकों में कार्यरत निजी व सरकारी व निजी चिकित्सक, प्रैक्टिसनर और स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। आमजन के बीच रहकर कोरोना से लड़ रहे सभी विभागों के कर्मियों व अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की जानकारी सूचीबद्ध करने के बाद आधारकार्ड नंबर के साथ रजिस्‍टर्ड करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके पहले ऑनलाइन वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराने की कवायद शुरू हो रही है।

दूसरे चरण बार में बच्चे व बुजुर्गों को दिया जाएगा टीका :
डॉ. कुमार ने बताया जिले में पहली बार में कोरोना ड्यूटी में लगे जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग को कोरोना वैक्सीन मिलेगी। इसके बाद दूसरी बार में 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को कोरोना वैक्सीन मिलना शुरू होगी। तीसरे फेज में 30 से 60 साल तक की उम्र के युवाओं को कोरोना वैक्सीन मिलेगी। भोजपुर जिले में तीन चरणों में कोरोना वैक्सीन का वितरण होगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले से कोरोना ड्यूटी और आमजन के बीच रहने वाले स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास के कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। जिसके आलोक में एक प्रोफार्मा बनाकर कर्मचारी का नाम, पता, उसका ड्यूटी स्थल के साथ आधार नंबर सूची में भरकर प्रशासन के पास भेजा जा रहा है।

वैक्सीन के रखरखाव के लिए भी पूरी की जा रही है तैयारी :
सिविल सर्जन डॉ. लतीतेश्वर प्रसाद झा ने बताया वैक्सीन के लिए सूची बनाने के साथ साथ उसे रखने के लिए कोल्ड चेन भी तैयार किया जा रहा है। इस क्रम में वैक्सीन के रखरखाव के लिए कोल्ड चेन प्वाइंट बनाये जा रहे हैं। वहीं, जहां पूर्व से कोल्ड चेन प्वाइंट है, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। इसके साथ ही एक जिला वैक्सीन भंडार बनाया गया है, जहां से सभी कोल्ड चेन प्वाइंट पर वैक्सीन की सप्लाई की जाती है। वैक्सीन उपयोगी या अनुपयोगी है, इसकी जांच कोई भी आसानी से कर सकता है, क्योंकि वैक्सीन वायल के ऊपर ही वीवीएम यानि वैक्सीन वायल मॉनिटर का लेवल लगा होता है, जिसका रंग तापमान के अनुरूप बदलता है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के सही रख रखाव के लिए सरकार की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क चलाया जा रहा है, जिसमें हर कोल्डचेन प्वाइंट का जिला स्तर, स्टेट स्तर और राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों की तरफ से निरीक्षण किया जाता है तथा पूरी वैक्सीन प्रमाणित तापमान पर रखी गई है और वैक्सीन की कमी न हो, यह भी जांच किया जाता है।

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