Bharat7 News Bihar/Jharkhand – हाल में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में सबसे अधिक सुर्खियों में कोई बात रही तो वह लोजपा का एनडीए से अलग चुनाव लड़ना और एलजेपी प्रमुख चिराग़ पासवान (Chirag Paswan) का सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर तल्ख तेवर. पूरे चुनाव में जिस तरह से चिराग ने सीएम नीतीश कुमार पर जुबानी हमले किए उसके कई राजनीतिक मायने निकाले गए. पर चुनाव परिणाम में जैसे-तैसे एनडीए की सरकार बन जाने और लोजपा के खराब प्रदर्शन के बाद चिराग पासवान ने सीएम नीतीश को लेकर अपनी जुबान बंद कर रखी है. ख़बर ये भी है की चिराग़ ने पार्टी के नेताओ को निर्देश दिया है कि फिलहाल कुछ महीने तक नीतीश सरकार (Nitish Government) पर हमला न बोले. पर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो चिराग ने अचानक ‘चुप्पी की चादर’ ओढ़ ली है?

सियासी गलियारों से जैसी खबरें छनकर आ रही हैं उसके अनुसार पार्टी लोजपा ने तय किया है कि बिहार में फिर एक बार नीतीश कुमार अगुवाई में बनी सरकार पर छह महीनों तक हमला ना बोला जाए. इस फ़ैसले के पीछे वजह बताई जा रही है कि सरकार को कुछ वक़्त दिया जाए. हालांकि पार्टी के इस फैसले को लेकर इसकी रणनीति के पीछे की और भी वजहें खोजी जा रही हैं. सवाल ये भी उठाया जा रहा है की आखिर चुनाव के बाद ऐसा क्या हो गया है कि चिराग अचानक चुप हो गए?

इस सवाल पर JDU प्रवक्ता अशरफ़ कहते हैं कि बिहार में जो सरकार है वह फिलहाल अस्थिर कही जा सकती है. इसलिए पार्टी ने और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रणनीति बनाई है कि थोड़ा समय दिया जाए. आने वाले समय में देखा जाएगा सरकार कैसे कदम उठाती है. जहां भी गलती होगी हम सरकार को जरूर करेंगे, लेकिन नई सरकार को कुछ मोहलत दी जाए,

सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि जब महागठबंधन की ओर से बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पर लगातार हमला बोला जा रहा है तो चिराग की खामोशी का सबब क्या है? चिराग़ की चुप्पी के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं. इस पर जब JDU के वरिष्ठ नेता महेश्वर हज़ारी से पूछा गया तो उन्होंने चिराग को NDA से बाहर करने की मांग करते हुए कहा कि जिसका कोई आधार ही नहीं है उसका हमला करना और नही करने से क्या फर्क पड़ता है?

वहीं, चिराग़ पासवान और उनकी पार्टी द्वारा अचानक नीतीश सरकार पर कम हमला बोलने पर कांग्रेस प्रवक्ता व विधान पार्षाद प्रेम चंद्र मिश्र ने चिराग के बहाने भाजपा पर हमला बोला है और नीतीश कुमार को सचेत रहने की नसीहत भी दी है. उन्होंने कहा कि कभी भी नीतीश कुमार के साथ भाजपा दगा कर सकती है और वह देखते रह जाएंगे

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