भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले टी20 मुकाबले में भारत ने 20 ओवर में 161 रन बनाए. जिसमें रविन्द्र जडेजा ने 23 गेंदों में शानदार 44 रनों की पारी खेली. लेकिन इस पारी के दौरान रविन्द्र जडेजा चोटिल हो गए. जिसका नुकसान ऑस्ट्रेलिया को उठाना पड़ सकता है. भारत की पारी के दौरान जडेजा के हेल्मेट पर गेंद लगी जिसके बाद आईसीसी के नियम के मुताबिक भारत ने जडेजा को आराम करवाते हुए युजवेन्द्र चहल को कनकशन सबस्टीट्यूट फील्डर इस्तेमाल किया.

कनकशन सबस्टीट्यूट का मतलब ये है कि प्लेइंग इलेवन में ना होने पर भी युजवेन्द्र चहल भारत के लिए जडेजा के कोटे के चार ओवर गेंदबाज़ी कर सकेंगे.

लेकिन इस कनकशन सबस्टीट्यूट पर भी विवाद गर्मा गया है. दरअसल भारतीय पारी के 19वें ओवर में रविन्द्र जडेजा को हेमस्ट्रिंग इंजरी हुई. इस चोट के बाद फिज़ियो मैदान पर आए उन्होंने जडेजा को ट्रीटमेंट दिया. लेकिन जडेजा हेमस्ट्रिंग की वजह से लगातार परेशानी में दिख रहे थे.

इसके बाद पारी के आखिरी ओवर में स्टार्क की दूसरी गेंद जडेजा के हेल्मेट पर लग गई. इसके बाद भी उन्होंने बल्लेबाज़ी जारी रखी और टीम इंडिया को मुश्किल हालात से 161 रन तक पहुंचा दिया.

इसके बाद इनिंग ब्रेक में भारतीय टीम ने आईसीसी के नियम के तहत कनकशन सबस्टीट्यूट का इस्तेमाल किया. जो कि सिर पर या हेलमेट पर गेंद लगने के बाद लिया जा सकता है. बीसीसीआई ने पहली पारी के बाद ट्वीट कर ये जानकारी दी कि हेल्मेट पर गेंद लगने की वजह से भारत के लिए कनकशन सब्सटीट्यूट के तौर पर युजवेन्द्र चहल फील्डिंग करेंगे.

ऐसे में भारत को ये फायदा मिल गया कि कनकशन सबस्टीट्यूट आए युजवेन्द्र चहल गेंदबाज़ी भी कर सकते हैं. जबकि अगर जडेजा की हेम्सट्रिंग चोट की जगह कोई खिलाड़ी मैदान पर आता तो वो गेंदबाज़ी नहीं कर पाता.

भारत के इस फैसले की खबर मिलते ही ऑस्ट्रेलियन कोच जस्टिन लैंगर और कप्तान एरॉन फिंच ने मैच रेफरी डेविन बून से बहुत देर तक चर्चा की. लेकिन कनकशन सबस्टीट्यूट का फायदा भारत को मिल गया.

सोशल मीडिया पर भी इसे एक विवादित फैसला बताया जा रहा है. खैर, जो भी हो अब भारत के लिए युजवेन्द्र चहल ने भी पहले टी20 में गेंदबाज़ी की और शुरुआती दो ओवरों में ही दो बड़े विकेट निकाल दिए.

Source – The Lallantop

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