बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के राजगीर में बीजेपी अपना प्रशिक्षण शिविर का आगाज़ कर रही है । इस शिविर में बिहार के बड़े बड़े दिगज्जों के जुटने का कयास लगाया जा रहा हैं। पिछले साल विधान सभा चुनाव और कोरोना संकट के कारण बीजेपी ने अपनी प्रशिक्षण शिविर को स्थगित कर दिया था । हालाकि इस वर्ष कई सालों के बाद बीजेपी प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही हैं।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता के साथ साथ बीजेपी के दिग्गज़ नेता भविष्य की नीतियों पर मंत्राना करेंगे और साथ ही इस बैठक में यह भी तय होगी कि बिहार में कैसे बीजेपी अपने दम पर सरकार बना सकती है ।

प्रशिक्षण शिविर के दौरान राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए होने वाले चंदे के संग्रह पर भी चर्चा हो सकती है ।भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व इस बात पर निर्णय ले सकता है कि कैसे बीजेपी अपने संगठनों के साथ तालमेल बैठा ते हुए राज्य के अंदर अपनी ताकत बढ़ाए।

हालाकि इन सबके बीच सबसे दिलचस्प बात ये होगी की जिस तरह से जदयू ने अपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अरुणाचल मुद्दे पर बीजेपी के ऊपर कड़ी टिप्पणी की थी लेकिन अब ये देखना होगा कि बैठक में बीजेपी किस रणनीति के साथ कार्य करती है। कैबिनेट विस्तार के पहले बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होना जदयू खेमे के लिए चिंता का विषय बन गया हैं।

इन्हीं सब कारणो के कारण बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर पर ना केवल विपक्षी बल्कि सहयोगी दल जेडीयू की भी नजरें टिकी हुई होंगी। ख़ास कर बिहार के मुखिया नीतीश कुमार इस बैठक पर अपनी पैनी नज़र लगाए हुए होंगे।

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