पटना: बिहार की राजनीति में खुद को एक नंबर की पार्टी बताने वाली राजद में आज कल सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बार बार पारिवारिक और पार्टी में आंतरिक विवाद की खबर सामने आते रहती है। अब एक बार फिर तेज प्रताप यादव की नाराजगी देखने को मिल रही है। तेजप्रताप की नाराजगी पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सबको अपनी राय रखने की इजाजत है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू जी हैं, फिर कोई दिक्कत नहीं होगा। आप लोग इतना मत सोचिए, सब जल्द ही ठीक हो जाएगा। पार्टी को मजबूत करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।

मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि सबकी अपनी अलग राय होती है। मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि जब हम हैं तो सबकुछ ठीक कर लेंगे। हमको तो कोई विवाद नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब मैंने कह दिया कि सबकुछ ठीक हो जाएगा तो बात यहीं खत्म हो गई। तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं हमेशा से पार्टी मैं सबको साथ लेकर चलने का प्रयास करता हूं। मैं यह यकीन दिलाता हूं कि मेरे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जी के रहते पार्टी के अंदर कोई परेशानी नहीं होगी।

बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल में तेज प्रताप यादव और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बीच सियासी घमासान जारी है। तेज प्रताप के करीबी माने जाने वाले आकाश यादव को छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष पद से जगदानंद ने हटा दिया। इसके बाद से विवाद दोनो नेताओं में वॉर पलट वार जारी है। तेज प्रताप ने छात्र राजद के पद से आकाश यादव के हटाए जाने पर आपत्ति जताई थी। जिस पर जगदानंद ने कहा कि छात्र राजद का प्रदेश अध्यक्ष का पद मैंने नहीं बनाया था।

जगदानंद सिंह ने कहा कि संगठन में इस पद पर अच्छे विचार वाले छात्र की जरूरत थी, इसलिए गगन कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। तेज प्रताप के हिटलर बयान पर जगदानंद सिंह ने कहा कि राजद में कोई हिटलर नहीं हो सकता है। हिटलर जैसे शब्द का पार्टी में कोई स्थान नहीं है। इसलिए कोई कुछ भी बोले, मैं उस पर ध्यान नहीं देता हूं। उन्होंने कहा कि राजद में संवैधानिक पद पर तीन लोग हैं- लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर मैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान जगदानंद सिंह ने एक बार भी तेज प्रताप यादव का नहीं लिया।

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