अब तक खोले जा चुके हैं 159 धान क्रय केंद्र…

आरा :- सरकार की उदासीनता की वजह से किसानों की दशा सुधर नहीं पा रही है। भोजपुर जिले के सभी प्रखंड क्षेत्रों में पैक्स व व्यापार मंडल में 159 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें 126 क्रय केंद्र क्रियाशील हैं। अभी और क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ेगी। अब तक 196 किसानों से 1600 एमटी धान की खरीदारी विभिन्न क्रय समितियों के द्वारा की गई है। पर सही तरीके से धान की खरीदारी नहीं होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लिहाजा किसान औने पौने दाम पर खुले बाजार में कम कीमतों पर धान बेचने को मजबूर हैं। जो सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1868 रूपये प्रति क्विटल से दर से काफी कम है। जिससे किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयास पर प्रश्न चिह लगता नजर आ रहा है। अभी के समय में जरूरतमंद किसान 1100 सौ प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर हो रहे है। ऐसे में किसान अपनी बेटी के हाथ को पीला करने की जुगत में जुटे हैं। लेकिन उनकी उपज का सही मूल्य मिलने की बात तो दूर कम दर पर नकदी भी आढ़तियों द्वारा नहीं मिल पा रही है। बता दें कि सरकार ने जिलों में क्रय केंद्र खोलने का आदेश तो दे दिया है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण कई जिलों में अबतक केंद्र सुचारू रूप से नहीं खुल पाए हैं। जहां केंद्र खुल गए हैं, वहां अभी खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उधर, गांवों में अभी से बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं।

सरकार का साधारण धान का समर्थन मूल्य 1,868 रुपए

बता दें कि राज्य सरकार ने इस वर्ष जिले में एक लाख 20 हजार मेट्रिक टन धान की खरीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है।सरकार ने साधारण धान का समर्थन मूल्य 1,868 रुपए प्रति क्विटल तथा ग्रेड वन धान का समर्थन मूल्य 1,888 रुपए प्रति क्विटल निर्धारित किया है।किसानों को 48 घंटे के अंदर बेचे गए धान का समर्थन मूल्य उनके खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है। बता दें कि जिले में रैयत किसान 2,629 तथा गैर रैयत 3,562 किसानों ने निबंधन कराया है। इसमें पैक्स के लिए 5,892 और व्यापार मंडल के लिए 299 किसानों ने आवेदन किया है। विभागीय स्तर पर कुल 4,915 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। सत्यापन के लिए 1,276 आवेदन लंबित है, जबकि 74 आवेदन को तकनीकी कारणों से अस्वीकृत कर दिया गया है।

पूर्व विधायक ने बिजली मंत्री व कृषि मंत्री पर बोल दी बड़ी बात

वही जगदीशपुर पूर्व विधायक भाई दिनेश ने कहा कि भोजपुर में कृषि मंत्री होने के बावजूद भी 1% भी भोजपुर के किसानों का समर्थन मूल्य पर धान की खरीद नहीं हो पा रही है, यह घोर निंदनीय है! वहीं उन्होंने कहा कि जिले के अंदर 14 प्रखंड ,228 पंचायत के पैक्स के माध्यम 1% भी धान की खरीदारी नहीं हुआ है जबकि 13 दिसंबर बीत चुका! क्या यही किसानों के लिए नया कानून है? वहीं उन्होंने कहा कि किसानों के खेत तक सस्ते और सुलभ तरीके से पानी पहुंचाने वाले माध्यम प्रणाली ध्वस्त होते जा रहा है इस पर कोई चिंता सरकार और जिला प्रशासन की नहीं है। ना कोई विचार किया जा रहा है? ना कोई संज्ञान ले रहा है, किसानों को कमजोर सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है प्रश्न चिन्ह है?! वहीं उन्होंने कहा कि केंद्रीय बिजली मंत्री भोजपुर के किसानों के निजी बोरिंग पर 10% भी बिजली नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जिससे किसानों के प्रति बिजली मंत्री का रवैया अच्छा नहीं दिख रहा है! नहीं है नहीं तो 1 साल पहले बिजली पहुंच गया होता!

Report- Rama Shankar Singh

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