हाइलाइट्स:

  • उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने अपने कार्यकाल का पहला आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया
  • आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में बिहार की विकास दर 10.5 फीसदी का दावा
  • प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2011-12 के 34 हजार 413 रुपये के मुकाबले बढ़कर हुआ 50 हजार 735 रुपये
  • राज्य का Gross fiscal deficit 2 प्रतिशत दर्ज किया गया

बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राज्य की सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की । आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की मानें तो बिहार में विकास का दर गुजरात से भी बढ़िया है। राज्य का विकास दर 10.5 फीसदी है जबकि राष्ट्रीय विकास दर 4.2 फ़ीसदी है। राज्य की विकास दर गिरफ्तार गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों से ज्यादा तेज है। इतना ही नहीं राज्य के लोगों की सालाना आय में भी पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है लेकिन फिर भी यह राष्ट्रीय औसत का केवल 36.2 फ़ीसदी है।

पटना के लोगों की आय सबसे ज्यादा

देश के अंदर लोगों की सालाना आय 94954 रुपये है जबकि बिहार में अभी भी प्रति व्यक्ति सालाना आय 34413 रुपये है। हालांकि पटना के लोग बाकी बिहारियों से ज्यादा आय रखते हैं। पटना में प्रति व्यक्ति आय बिहार से 3 गुना ज्यादा है। पटना के लोगों की औसत आय 112604 सालाना है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में जो 5 जिले सबसे ऊपर हैं उनमें पटना के साथ-साथ बेगूसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर और भागलपुर शामिल हैं जबकि प्रति व्यक्ति आय के मामले में किशनगंज, अररिया, नवादा, सुपौल और शिवहर सबसे निचले पायदान पर हैं।

आपको बता दें कि जनसंख्या के आधार पर बिहार देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।2021 में राज्य की अनुमानित आबादी 12.48 करोड़ होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक से अधिक होने के कारण हमारे जनसंख्या में वृद्धि हो रही है।

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