हमारे देश का संविधान दुनियां का सबसे बेहतरीन और शक्तिसाली संविधान है ।

26 नवम्बर सन् 1949 को बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी ने संविधान को मुकम्मल करके भारत सरकार को सौपा और सन् 1950 को देश में संविधान लागू हुआ ।
संविधान देश का वह ग्रंथ है जिसे बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी ने दो वर्ष ग्यारह महीने और अठारह दिन में तैयार किया ।

बाबा साहब ने वर्ण सम्बंधी नाना प्रकार के यातनाएं सहे और नाना प्रकार के अपमानित करने वाले अपमानों को सहा । उनकी महानता का परिचय तब सामने आया ,, जब उनहोंने संविधान की रचना की ,संविधान रचना के दौरान उनके अन्दर किसी प्रकार की द्वेष भावना नहीं थी यदि वे चाहते तो, अपने ऊपर हुए जाती व्यवस्था के कारण अपमान का बदला ले सकते थे । जबकि बाबा साहब ने मनुवादी कहर को जीवन के अंतिम पङाव तक झेला है ।जातिव्यवस्था के कारण बाबा साहब को जीवन के हर कदम पर लज्जित और अपमान होना पङा है ।

बाबा साहब को नौकरी के दरमियान अपने नीचे काम करने वाले चपरासियों से अपमानित होना पड़ा था ,,कयोंकि चपरासी लोग बाबा साहब को फाइल वग़ैरह दूर से फेंक कर दिया करते थे और तो और आफिस में बाबा साहब के द्वारा पीने का पानी मांगने पर कोई पानी नहीं देते थे, क्यो? कयोकि बाबा साहब दलित थे और चपरासी ऊँचे कुल के ब्राह्मण ।

ऐसे थे हमारे भीम राव अम्बेडकर जी ।
जब उन्हे भारत के संविधान निर्माता के रूप में चुना गया और जब उनहोंने संविधान की रचना की तो उनके अन्दर किसी प्रकार की द्वेष भावना दूर दूर तक नहीं थी । ऐसे महा, महान् बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर जी थे । यदि वे चाहते तो किसी जाती विशेष को ऊँचा दर्ज़ा देकर अपने अपमान और तिरस्कार का बदला ले सकते थे । किन्तु बाबा साहब महानायकों के नायक महान थे,यही कारण है कि आज भी बाबा साहब ऐसे लोगों के हृदय में वास करते हैं, जो बाबा साहब को जानते और मानते हैं।

किन्तु सवर्ण लोग संविधान को लेकर शुरु से ही चिन्तित रहें हैं ।
वहीँ पर भारत देश के संविधान को विश्व में उन देशो ने सराहा है जो देश हर प्रकार से सम्पन्न हैं ।
बाबा साहेब ने जिन देशों में रह कर डिग्रियां हासिल की वे देश आज भी बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर जी का स्मारक बना कर मान समान करते आ रहे हैं तथा 14 अप्रैल को जयन्ती भी मनाते हैं।
बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी के द्वारा रचित संविधान की खासियत यह है कि संविधान को विश्व का कोई भी देश नकार नहीं सकता ।

26 नवम्बर संविधान दिवस की सभी बहुजन भाई बहनों,एंव , माता और बड़े बुजुर्गों को बहुत सारी शुभकामनाओं के साथ अनेकों बार बधाई बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय ।

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